Tuesday, February 1, 2011

Prime Minister personally honest but not politically honest-- says Baba Ramdev: AAJ TAK: Khabaren


Prime Minister personally honest but not politically honest-- says Baba Ramdev: AAJ TAK: Khabaren 
प्रधानमंत्री व्यक्तिगत ईमानदार लेकिन राजनैतिक नहीं: बाबा रामदेव
भाषा | रायगढ़, 28 जनवरी 2011 | अपडेटेड: 21:42 IST

योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व्यक्तिगत रूप से ईमानदार व्यक्ति हैं लेकिन राजनैतिक तौर पर ईमानदार नहीं हैं. उनकी सरकार न तो भगवान को मानती है और न ही उच्चतम न्यायालय को.

भारत स्वाभिमान यात्रा के तहत रायगढ़ पहुंचने के बाद बाबा रामदेव ने संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि शरीर के रोग तो योग से दूर हो जाएंगे लेकिन देश का रोग, विदेशी बैंकों में जमा काले धन को देश में वापस लाने से ही दूर होगा. मगर यह सरकार उसे वापस लाना नहीं चाहती है.

रामदेव ने दावा किया कि देश में यदि एक हजार और पांच सौ रुपए के नोटों का प्रचलन बंद कर दिया जाए तो देश के भीतर के एक सौ लाख करोड़ रुपए के काले धन का पता चल सकेगा. वहीं, देश के बाहर विदेशों में यहां के बेइमानों का तीन सौ लाख करोड़ रूपए कालाधन जमा है.

महर्षि महेश योगी के राजनैतिक दल ‘अजेय भारत पार्टी’ के हश्र से उनके आंदोलन की तुलना किए जाने से संबंधित सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे सभी धर्म गुरुओं का सम्मान करते हैं और उनका जन्म भक्ति से नहीं बल्कि शक्ति से हुआ है. उन्होंने कहा कि वे बेइमानों और माफियाओं से धन नहीं लेते.

उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में चारित्रिक, आर्थिक और आपराधिक मामलों में सौ फीसदी अच्छे लोग हमारे साथ आ सकते हैं. आगामी चुनाव के लिए उनका झंडा आ गया है और संगठन इस वर्ष के अंत तक घोषित कर दिया जाएगा. रामदेव ने बताया कि वरिष्ठ नेता गोविंदाचार्य भी उनके साथ आ चुके हैं तथा अन्य लोग भी उनके साथ जुड़ रहे हैं. उनका पहला लक्ष्य केंद्र है तथा बाद में राज्य की सरकारें होंगी.

नक्सलियों से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि नक्सलियों से लड़ने के लिए ‘आपरेशन ग्रीन हंट’ अंतिम उपाय होना चाहिए न कि प्रथम. नक्सलियों को राजनैतिक संरक्षण बंद होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब माओवादी भी माफियाओं से मिल गए हैं. रामदेव ने कहा कि उद्योगपति होना अपराध नहीं है लेकिन वे उनके अवैध कार्यों के समर्थक नहीं है. उन्होंने कहा कि देश 15 अगस्त 1947 में आजाद नहीं हुआ था बल्कि यह अंग्रेजों के साथ 14 अगस्त 1947 को सत्ता हस्तांतरण का समझौता मात्र था.


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